chand sawaal musalmano se

*मार्केट जाने से बचे औऱ सोचें*
चंद सवाल हर मुसलमान अपने आप से पूंछे 

(1)  क्या उसे इस माहे रमज़ान में मस्जिद से बाहर रेहकर सुकून नसीब है ?

(2) क्या बाज़ार खोलना और मसाजिद बंद करना उसके ज़ख्मों पर नमक छिड़कना नहीं है ? 

(3) क्या कोरोना सिर्फ मस्जिदों में है बाज़ार में नहीं है ? 

(4) क्या कोई मुसलमान मस्जिदें वीरान होते हुए बाज़ार आबाद करना पसंद करेगा ? 

(5) क्या कोई मुसलमान अपने ग़रीब भाईयों का दिल दुखा कर बाज़ारी दुनिया को खुश करेगा ? 

(6) क्या कोई मुसलमान रूह की जी़नत ( इबादत ) से महरूम रेह कर सिर्फ जिस्म की ज़ीनत ( कपड़े, जूते )  से खुश  हो जाएगा ? 

(7) क्या कोई मुसलमान अगर रमज़ान में  नए  कपड़े , जूते ना खरीदे  तो क्या वो मुसलमान बाक़ी  नहीं रहता है ? 

( 8)  क्या  ईद के लिए शापिंग व खरीदारी ज़रूरी हैं क्या ?

(9) क्या हमारे पास साफ सुथरे कपड़े नहीं है और क्या बग़ैर नए कपड़े जूते के हमारी ईद और नमाजे़ ईद नहीं होगी ? 

(10) और  क्या गारंटी है कि हम नए कपड़े जूते खरीदलें फिर हमें ईदगाह या कहीं और जाने की इजाज़त ही ना मिले , फिर हमारे नए कपड़े जूते किस काम के ? 

👉🏻नोट :
इस लिए अपने घर रहो खुश रहो 
पसंद होतो  आगे भी  भेजते रहो

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